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America अमेरिका: अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद कूटनीतिक प्रयास एक बार फिर तेज हो गए हैं। दोनों देशों ने दूसरे दौर की वार्ता के लिए सहमति जताई है, जो जल्द ही इस्लामाबाद में आयोजित हो सकती है। पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद यह नया प्रयास शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश समझौते के करीब हैं और आने वाले दिनों में बड़ी प्रगति हो सकती है। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है, लेकिन बातचीत से इसे कम किया जा सकता है।
पहले दौर की वार्ता करीब 41 घंटे तक चली थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, 440 किलो समृद्ध यूरेनियम और होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी रणनीति को प्रमुख मुद्दा बनाया है। वहीं, ईरान का आरोप है कि अमेरिका की कठोर शर्तें ही बातचीत विफल होने का कारण बनीं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच सीजफायर को दो सप्ताह और बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है, जिससे तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय रणनीति जैसे मुद्दों पर सहमति बनना अभी भी मुश्किल नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे दौर की वार्ता से यह संकेत जरूर मिलता है कि दोनों देश सीधे टकराव से बचना चाहते हैं। लेकिन भरोसे की कमी और जटिल मुद्दों के चलते समझौते की राह अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
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